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जनवरी, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

गणतंत्र भारत..

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गणतंत्र है गणतंत्रता का , मान होना चाहिए.. हम वतन आज़ाद है, यह ध्यान होना चाहिए.. मुश्किलों से पाएं है, मिलकर के आज़ादी.. राष्ट्रधर्म एक है, हम एक भारतवासी.. धर्म प्रान्त में बंटे है, फिर भी एक है.. हम वतन आज़ाद है, हम एक देश है.. #अजय57

गणतंत्र भारत...

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गर्व है, गणतंत्र है, गौरव से, सीना चौड़ा है.. है अक्षुण्ण, यह राष्ट्र मेरा, मान मुझको है.. वीरता की, गीत गाथा, फैली हर दिशा है.. वीरता से पाएं है, हम देश की, आज़ादी.. #अजय57

साईंराम..🙏🌹

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उम्मीद ही तो थी, जो तुमसे लग गई है.! तुम ही मेरे जीने की, अब आंखरी उम्मीद हो.! छीनना ना आसरा तुम, ना तोड़ना विश्वास.! अब आस लगी है तुमसे, तुम दोगे मेरा साथ.! भटका हुआ कोई भी, आता तेरे शरण मे.! करता मुराद पूरी, सबका तू इस जगत में.! #ॐ_साईंराम #अजय57

हम एक है..

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आओ मिलकर साथ चलें हम साथ बनाएं मंदिर मस्ज़िद.! मेरा मंदिर तुम बनाओ हम बनाएं मस्ज़िद तेरी.! तुझमें मुझमें फर्क़ नही है फर्क़ नही है रहन-सहन का.! तुम भी इंसां हम भी इंसां हम दोनों है भाई-भाई.! मिलकर के निर्माण करें हम देश तेरा और मेरा है.! देश बढ़ेगा आगे जब, हम दोनों भी आगे बढ़ेंगे.! #अजय57

धैर्य..

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धैर्य रख ऐ जिंदगी, खो वो ना तुम विवेक.. वक़्त मरहम है बड़ा, भर देता हर वो घाव.. हाथ में है कुछ नही, करना है बस इंतज़ार .. वक़्त जब आएगा तेरा, तू भी खेलना खेल.. #धैर्य रख ऐ जिंदगी, खो वो ना तुम विवेक.. #अजय57

आंसू..

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क्या दर्द छिपाए हो दिल में, क्यों आंख तेरे भर आएं है.. हर दर्द बयां तू कर के देख, हम दर्द तेरे सब हर लेंगे.. यह मेरा तुझसे वादा है, नही साथ तेरा हम छोड़ेंगे.. सुख दुःख में साथ रहेंगे हम, नही छोड़ेंगे अब हाथ तेरा.. हर लमहें गुज़रेंगे अब संग, जीवन के पथ पर साथ चलें.. नही हम तुम अब छोड़ेंगे, एक दूजे का अब हाथ हम.. #अजय57 

फ़िक्र..

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एक दूसरे का फिक्र ही, कहलाता इश्क़ है.! ज़ज्बात ये बताता, इश्क़ कितना गहरा है.! एक दूसरे के साथ बिना, जिंदगी नही.! है जिंदगी मुक़म्मल, साथ तू है मेरे.! यह जिंदगी के फ़ासले, मिल के है तय किए.! नही प्यार यह क्षणिक है, कई युग बिता दिए.! #अजय57

जिंदगी..

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जिंदगी तुझसे #सवाल_है, क्या ख़ता मुझसे हुई.. लाया क्यों मुझे इस जहान में, कोई भी अपना नही.. मतलबी मिलते यहां सब, स्वार्थ अपना साधते.. स्वार्थ पूरा होते ही, भूल जाते है फिर रास्ता.. गैरों की क्या बात करें, अपने भी है मुंह मोड़ते.. मतलबी दुनियां में बस, मतलब से सबका वास्ता.. #अजीत57

इश्क़..

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#इश्क़_की_कहानी बन जाती है कहानियाँ.. मिलते है दिल दो जवां फिर इश्क़ शुरू हो जाती है.. नज़रों से मिलती है नज़रें नज़रें कुछ-कुछ कहती है.. पलकें झुकी तो समझो प्यार नही तो पकड़ो अपनी राह.. इज़हार इश्क़ इक़रार इश्क़ यह इश्क़ बड़ा कमीना है.. सुख चैन सभी छीन लेता है और दर्द का दरिया देता है.. #अजय57

हिमालय..

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हिमालय #तेरी_ओर जो देखा, गर्व से चौड़ा सीना है.. गंगा यमुना सतलज सरस्वती, नदियों का तू उदगम है.. तुमनें जो तानी भृकुटी, दुश्मन का दहला सीना है तू शान बना भारत का है, दुनियां में ऊंचा सीना है.. सरहद बनकर भारत का तू, तू खड़ा रहा है सदियों से.. है गर्व मुझें ऐ पर्वत राज, तेरे आंचल में मेरा बसेरा है.. #अजय57 

हिंदुस्तान..

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#वो_मुल्क_है_हिंदुस्तान हमारा, जहां जीवन का सबको ज्ञान.. एक सूत्र में बंधे सभी है, हिन्दू मुस्लिम सिक्ख महान.. सभी धर्म को मान मिला है, सबको है अधिकार समान.. अंगड़ाई ज़हां ऋतुएँ लेती, फसलें होती सभी प्रकार.. हिन्दुस्तां का मुकुट हिमालय, हिंदमहासागर हृदय विशाल.. नदियों में गंगा नर्मदा, पूजते जिनको बारम्बार.. प्रकृति ही जननी मेरी, जहां जन्में कितने महान.. गांधी बुद्ध महावीर नानक, की यह धरती देती ज्ञान.. #अजय57

वक़्त पर कटाक्ष..

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वक़्त पर कटाक्ष कर गुज़र रहा जो समाज पर.! तू क़लम आज़ाद है लिख तो इस समाज पर.! जो गलत है दिख रहा, उस पर तू विचार कर.! शब्दों में पिरो के तीर, दुश्मनों पर वार कर.! तू कलम आज़ाद है, लिख तो इस समाज पर.! शब्द से जुड़ेंगे शब्द, काफ़िला बन जाएगा.! तब समाज में नया, आएगा बदलाव तब.! तू कलम आज़ाद है, लिख तो इस समाज पर.! #अजय57

हमसाया..

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अजनबी सा चेहरा तेरा, लगता क्यों अपना सा है.! कौन हो तुम क्या नाम है तेरा, जानने को दिल करता है.! साया जैसे साथ चल रही, कौन हो तुम बतलाओ ना.! अज़नबी अब भी रहना या, हम_साया बन जाना है.! हम मिले है साथ चलें है, जीवन पथ पर साथ-साथ, अनजाने राहों के हम-तुम, हमराही बन गए है.! #अजय57

सावन की फुहार..

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