हम एक है..
आओ मिलकर साथ चलें हम
साथ बनाएं मंदिर मस्ज़िद.!
मेरा मंदिर तुम बनाओ
हम बनाएं मस्ज़िद तेरी.!
तुझमें मुझमें फर्क़ नही है
फर्क़ नही है रहन-सहन का.!
तुम भी इंसां हम भी इंसां
हम दोनों है भाई-भाई.!
मिलकर के निर्माण करें हम
देश तेरा और मेरा है.!
देश बढ़ेगा आगे जब,
हम दोनों भी आगे बढ़ेंगे.!
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