चरित्र...

हम #चरित्र की बातें करते,
बेमानी सब लगता है.!
बातों पर कौन खरा उतरता,
कम ही ऐसे मिलते है.!
हर चरित्र दोहरा है दिखता,
कहता कुछ और करता कुछ.!
स्वार्थ में अंधा हर एक मिलता,
पैसे पर बिक जाता है.!
जैसे पैसा ईमान धरम हो,
पैसा ही बस जीवन है.!
पैसे की ही ख़ातिर हम सब,
ज़मीर तक को बेच दिए.!
#अजय57

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