ये कैसा इश्क़ है...
#कैसा_ये_इश्क़_है,
सुध-बुध मेरा सब छीन लिया.!
नज़रें उनसे क्या चार हुई,
मेरा दिल ही मुझसे छीन लिया.!
बिन उनके अब नही लगता दिल,
रातें मुश्किल से कटती है.!
बिन उनके सुना जग सारा,
यह इश्क़ बला भी कैसी है.?
बस याद उन्ही की रहती है,
हम होश गंवाए बैठे है.!
मदहोशी का बस आलम है,
अब होश में आना मुश्किल है.!
कैसा ये इश्क़ है,
सुध-बुध मेरा सब छीन लिया.!
#अजय57
सुध-बुध मेरा सब छीन लिया.!
नज़रें उनसे क्या चार हुई,
मेरा दिल ही मुझसे छीन लिया.!
बिन उनके अब नही लगता दिल,
रातें मुश्किल से कटती है.!
बिन उनके सुना जग सारा,
यह इश्क़ बला भी कैसी है.?
बस याद उन्ही की रहती है,
हम होश गंवाए बैठे है.!
मदहोशी का बस आलम है,
अब होश में आना मुश्किल है.!
कैसा ये इश्क़ है,
सुध-बुध मेरा सब छीन लिया.!
#अजय57

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